कश्मीर के शोपियां जिले में मृत पाए गए भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट उमर फैयाज के हत्यारों को पकड़ने के लिए मुहिम तेज कर दी है। पुलिस ने फैयाज के हत्यारों को पकड़ने के लिए शुक्रवार को पोस्टर जारी किए हैं।
जांच एजेंसियों को इस बात का शक है कि फैयाज की हत्या में हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर ए तैयबा के 10 आतंकवादियों का हाथ है। पुलिस ने अब्बास अहमद भट्ट, इशफाक अहमद ठाकोर और गयास-उल-इस्लाम का पोस्टर जारी किया है। इन तीनों आतंकी का संबंध हिजबुल मुजाहिदीन से है। पुलिस ने इन आतंकियों को पकड़ने वाले को ईनाम देने की घोषणा की है।
आपको बता दें कि मंगलवार को उनका आतंकियों ने अपहरण कर हत्या कर दी थी। सेना मे डॉक्टर रहे फैयाज के शरीर में बुलेट के दो निशान मिले हैं। एक जबड़े में और एक पेट में। फैयाज के शरीर में घाव के कई निशान मिले हैं।
सेना में तैनाती के बाद पहली बार लेफ्टिनेंट उमर फैयाज छुट्टी पर घर आए थे, वो अपनी बहन की शादी में शिरकत करने आए थे और जिस वक्त उन्हें आतंकवादी ले गए वो दुल्हन के साथ बैठे थे। वो 25 मई को अखनूर अपनी यूनिट में लौटने वाले थे। मंगलवार रात 10 बजे 3 हथियारबंद आतंकियों ने उन्हें सबके सामने से अगवा कर लिया। सुबह 6.30 बजे 3 किमी दूर हरमेन गांव में बीच चौराहे पर उनका शव मिला।
परिवार ने बताया कि फैयाज का जन्म 8 जून 1994 को हुआ था और उन्होंने दक्षिण कश्मीर के अशमुकाम में मौजूद नवोदय विद्यालय से स्कूली पढ़ाई की थी और दिसंबर 2016 में कमीशन मिलने के बाद सेना में शामिल हुए थे। वह प्रतिष्ठित पुणे स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) के 129वें बैच के कैडेट थे। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सेना में भर्ती होने के बाद फयाज ने पहली बार छुट्टी ली थी। उन्हें 25 मई को जम्मू के अखनूर स्थित यूनिट को ज्वॉइन करना था।


