ईवीएम पर गड़बड़ी को लेकर चुनाव आयोग सख्त हो गया है। मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आयोग ने ईवीएम का विरोध करने वालों को खुला चैलेंज दिया है। चुनाव आयोग ने सभी पार्टियों से कहा है कि वह रविवार को आकर बताएं कि कोई ईवीएम कैसे हैक हो सकती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आयोग विरोध करने वालों को रविवार को बुलाया है और कहा कि वे आकर गड़बड़ी साबित करें। इससे पहले चुनाव आयोग ने बैठक में अपनी ओर से ईवीएम के सिक्योरिटी फीचर्स पर ब्योरा पेश किया।
वहीं न्यूज एजेंसी एएनआई ने सू्त्रों के हवाले से बताया कि चुनाव आयोग ने सरकार की ओर से सुझाए गए वीवीपैट के इस्तेमाल का स्वागत किया है। उन्होंने
बताया कि आयोग के वीवीपैट के लिए फंड भी मिल गए हैं। उम्मीद है कि 2019 से इसकी शुरूआत हो जाएगी। वीवीपैट के जरिए ये होगा कि वोट डालने पर ईवीएम मशीन से आपके वोट की रसीद निकलेगी, जो 7 सेकेण्ड में मशीन से निकलकर नीचे बक्से में चली जाएगीष। इसके माध्यम से आप अपनी आंखो से देख सकेंगे कि आपका वोट सही चुनाव चिन्ह को पड़ा है या नहीं।
बता दें कि यूपी चुनाव में हार के बाद मायावती ने ईवीएम पर सवाल उठाए थे। वहीं पंजबा एवं एमसीडी चुनाव में हार के बाद अरविंद केजरीवाल ने भी ईवीएम में छेड़छाड़ की शिकायत की और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।
इस सर्वदलीय बैठक में आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विधायक सौरभ भारद्वाज करेंगे. सौरभ भारद्वाज के साथ पार्टी के टेक्निकल टीम के सदस्य भी इस बैठक में हिस्सा लेंगे। सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में ईवीएम जैसी मशीन का डेमो दिखाकर टैम्पर करने का दावा किया और चुनाव आयोग को चुनौती दी कि वे औपचारिक रूप से ईवीएम टैम्पर करने के कार्यक्रम का आयोजन कर जिसमें आप आयोग की ईवीएम को हैक करके दिखाएगी।


