केसरिया बालमा “पधारो म्हारा देश” की टैग लाइन शायद ही आपके लिए अनसुनी हो ! इसको सुनते ही दिमाग राजस्थान के धोरों के बीच ऊंट सवारी के साथ लोक संगीत सुनते हुए ढलते हुए सूरज को निहारने की छवि बनाने लगता है जो बहुत ही मनमोहक है और राजस्थान की पहचान भी !
पधारो म्हारा देश की टैग लाइन को अब ” जाने क्या दिख जाये” से बदल दिया गया जो शुरुआत में सुनने से एकबारगी प्रभावित नहीं करती है लेकिन राजस्थान के बचे हुए हिस्सों के बारे में बताने , नयी जगहों एवं चीजों के बारे में बताने में सक्षम है ! आइये इसी टैग लाइन को धयन में रखते हुए हम आपको राजस्थान के कुछ उन जगहों के बारे में बताते है जो राजस्थान का नाम सुनने से आपके दिमाग में नहीं आती है लेकिन ये यहाँ की संस्कृति में महत्वपूरण योगदान रखती है !
१. शिवाड : यहाँ बारहवा शिवलिंग श्री घुस्मेस्वर महादेव स्तिथ है ! एक बड़ा मंदिर घुस्मेह्स्वर महादेव का महाराष्ट्र में भी है और वो भी बारहवा शिवलिंग बताया गया है ! किवदंतियों के अनुसार महाराष्ट्र औरंगाबाद के पास स्थित घुस्मेश्वर महादेव मंदिर राजस्थान से प्रवासित लोगों ने बनवाया है जो की राजस्थान के इसी इलाके से वहां जाके बस गए थे !
२. अजब गढ़ एवं भानगढ़ : ये दोनो जगह देश की संबसे ज्यादा डरावनी जगहों में से है बहुत सारी लोक कथाये एवं किवदंतिया है इन जगहों के बारे में है उनमे से एक ये भी है की यहाँ के एक तांत्रिक ने इन जगहों को राजा से चौसर के खेल में जीत लिया एवं उसको २४ घंटे में जगह खली करने की चेतावनी दी ! जो लोग निकल पाए वो बच गए एवं बाकि लोग मारे गए ! उस तांत्रिक ने जादू से सारे घरों एवं दुकानों की छतें गायब करदी ! लोग कहते है यहाँ रात को रुकना मना है क्यूँ की…… श्श्शश्श्श श्श्शश्स वो सुन रहा है !
३. कोटा : कोटा शहर देश का एक ऐसा शहर है जो कोचिंग संस्थानो की वजह से प्रसिद्द है यहाँ देश के ही नहीं विदेशो से भी विद्यार्थी तैय्यारी करने आते है खासकर मेडिकल एवं इंजीनियरिंग के छात्र छात्राएं ! अभी फिल्म बद्रीनाथ की दुल्हनिया का काफी बड़ा हिस्सा यहाँ फिल्माया गया है जिस से शहर के खुबसूरत हिस्से जैसे की सरोवर , किला आदि दुनिया के सामने आ पायंगे एवं अपनी पहचान बना पायंगे !
४. विराटनगर ( बैराठ ): ये शहर बहुत ही पुँराना है जिसका जिक्र महाभारत , बोध् लिटरेचर एवं अनेक अन्य जगहों पर हुआ है ! यहाँ अशोक स्तम्भ भी मिले थे जिन्हें सुरक्षित रखा गया है !ये शहर महाभारत काल में मत्स्यप्रदेश की राजधानी हुआ करता था !
५ . मेहँदी पुर बालाजी : मेहँदी पुर बालाजी के स्थान के बारे में ये मान्यता है की हनुमान जी यहाँ खुद पधारे थे एवं यहाँ तप करने वाले ऋषियों को वरदान दिया दिया था ! इस जगह की मान्यता का अंदाज़ आप इस बात से लगा सकते है की यहाँ कनाडा , अमेरिका से भी लोग दर्शन के लिए आते है और मंदिर में बन ने वाला प्रसाद इतना ज्यादा होता है की आस पास के जिलो के सभी विद्यालयों में बांटा जाता है !
६. डीग : जल महलों की नगरी !!
भरतपुर के पास बसा ये शहर पौरानिक शहर है जिसका उल्लेख स्कंध पुराण में दीर्घ / धीर्गापुर के नाम से है !
जल महल के नाम से कभी आपने डीग के बारे में नहीं सोचा होगा लेकिन यकीं मानिये ये शहर जल महलों क लिए जाना जाता है यहाँ बहुत ही मनमोहक नज़ारा है अगर कभी आप भरतपुर के आस पास हो ये जगह देखना मिस ना करें !!