1. आभानेरी की चाँद बावड़ी : ये जगह जयपुर से करीब 100 किलोमीटर दूर जयपुर आगरा हाईवे के पास दौसा जिले के बांदीकुई नामक शहर के पास है ! ये जगह बावडियों के लिए प्रसिद्ध है जिनमे से सबसे ज्यादा बड़ी एवं सुन्दर चाँद बावड़ी है ! यहाँ हर्षत माता का मंदिर भी है जो पर्यटकों के दूसरा बड़ा आकर्षण है अपनी आर्किटेक्चर की वजह से !
2. विजय स्तम्भ :
चित्तोड़ में स्थित ये एक 9 मंजिला ईमारत है जो करीब 37 मीटर ऊँचा है ! इसको राणा कुम्भा ने मालवा पे विजय के उपलक्ष्य में बनवाया था ये केवल राजनितिक विजय का परतीक ही नहीं है बल्कि ये एक सांस्कृतिक धरोहर भी है इस 9 मंजिले स्तम्भ में हर एक मंजिल पे अलग अलग देवी देवताओ को स्थान दिया गया है ! ये मेवाड़ के प्रतिरोध का भी प्रतीक है जो यहाँ के शाशको ने मरते दम तक बाहरी आक्रंताओ के प्रति रखा! इसी ही एक सरचना यहाँ कीर्ति स्तम्भ नाम से भी है जो की जैन धर्म के तीर्थंकरों के समरित है जिससे कीर्ति स्तम्भ नाम से जाना जाता है!
3. गागरोंन का किला:
ये किला अपनी एक अलग ही पहचान रखता है ये नदी एवं पहाड़ से घिरा हुआ है इसे वर्ल्ड हेरीटेज साईट का दर्ज़ा भी मिला है यूनेस्को के 36 सेशन (2013) में ! त्याग और बलिदान का साक्षी ये किला बहुत ही अलग तरीके से बनाया गया है एवं सुरक्षा की दृष्टि से अभेद मन गया है ! ये किला राजस्थान के झालावाड जिले में स्थित है जिसे हाडोती क्षेत्र कहा गया है !