आम आदमी पार्टी के विधायक व पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस करते हुए एक बार फिर से बड़ा खुलासा किया। उन्होंने दावा कि केजरीवाल के साढू के लिए लैंड डील हुई थी। छतरपुर में यह डील सत्येंद्र जैन ने सात करोड़ रुपये में कराई।इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वे कभी भी बीजेपी में नहीं जाएंगे।
कपिल मिश्रा ने कहा, ‘मुझे कल सीबीआई से सुबह 11:30 बजे मुलाकात करूंगा और आधिकारिक रूप से एफआईआर दर्ज कराउंगा।’ इसके अलावा वे गवाह बनने को भी तैयार हैं।
उन्होंने आगे कहा कि लोग कह रहे हैं कि मैं बीजेपी में जा सकता हूं। ये सभी आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। मैंने हमेशा से ही बीजेपी और मोदी जी का विरोध किया है।
इससे पहले पार्टी नेता संजय सिंह ने कहा कि कपिल मिश्रा भाजपा की भाषा बोल रहे हैं। उन्होंने कपिल पर ही सवाल खड़े करते हुए पूछा कि क्या अरविंद केजरीवाल ने उन्हें अपने घर बुलाकर कथित तौर पर पैसे लिये थे।
पार्टी प्रवक्ता संजय सिंह ने कपिल मिश्रा के आरोपों को झूठा करार देते हुए कहा कि मंत्री पद जाने से वे बौखला गए हैं। उन्होंने कहा कि कपिल मिश्रा के माध्यम से आप सरकार के उत्पीड़न का खेल चल रहा है। उन्होंने पूछा कि आखिर कपिल मिश्रा यह क्यों नहीं बता रहे कि वह किस टाइम पर सीएम आवास गए थे जहां उन्होने केजरीवाल को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए देखा।
संजय ने कुछ महीने पहले कपिल मिश्रा द्वारा दी गई रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि उस वक्त तो कपिल ने कहा था कि एसीबी पर दबाव है और वो उन्हें वाटर टैंक मामले में फंसाना चाहती है। तो अब वही कपिल मिश्रा उसी एसीबी को टैंकर घोटाले के सबूत देने पहुंच गए।
अपने नेता पर लगे आरोपों पर सफाई के दौरान संजय सिंह ने भाजपा को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस उन्हें नैतिकता का पाठ ना पढ़ाएं। केजरीवाल इस्तीफा नहीं देंगे। जब उन्हें लगेगा तब वो इस मामले में बोलेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार को चुनौती दी कि हमारे 63-64 विधायक बचे हैं उन्हें भी उठाकर तिहाड़ में डाल दें जो करना है करें लेकिन हम डरने वाले नहीं है।
उन्होंने कहा कि देश नक्सलवाद और आतंकवाद से जूझ रहा है। सीमा रेखा पर जवानों के सिर काटे जा रहे हैं, लेकिन मोदी सरकार को इसकी चिंता नहीं है बल्कि उन्हें सिर्फ आम आदमी पार्टी सरकार को खत्म करने की चिंता है।


