नई दिल्ली। ब्रिटेन ने भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज करने में भारत को सहयोग करने का भरोसा दिया है। भारत और ब्रिटेन के बीच गुरुवार को गृह सचिव स्तर की बातचीत के एजेंडे में माल्या समेत कुल 22 भगोड़ों के प्रत्यर्पण का मामला शामिल था।
इनमें से 10 भारत में वांछित हैं, जबकि 12 ब्रिटेन में वांछित हैं। इसके साथ ही भारत ने ब्रिटेन में सक्रिय सिख और कश्मीरी आतंकियों का मुद्दा भी उठाया। भारत ने आइएस की आतंकी गतिविधियों के बारे में वास्तविक जानकारी शेयर करने पर जोर दिया।
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, भारत और ब्रिटेन के बीच बातचीत के एजेंडे में भगोड़े अपराधियों का मुद्दा अहम रहा। भारत ने ब्रिटेन में जा छिपे 10 भगोड़े अपराधियों की सूची सौंपी। इस सूची में बैंकों से 9000 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर फरार उद्योगपति विजय माल्या का नाम सबसे ऊपर है।
इन सभी अपराधियों के खिलाफ ब्रिटेन की अदालत में प्रत्यर्पण की सुनवाई चल रही है। ब्रिटेन ने अपनी अदालत में प्रत्यर्पण की कार्यवाही में तेजी लाने में भरपूर सहयोग का भरोसा दिया है। माल्या को लाने में जुटी सीबीआइ और ईडी की टीम मंगलवार को ही लंदन रवाना हुई। सूची से ललित मोदी का नाम हटा लिया गया था।
ब्रिटेन ने ललित मोदी के खिलाफ पुख्ता सुबूत नहीं होने का हवाला देते हुए उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू करने से मना कर दिया था। ब्रिटेन ने भी भारत में छिपे अपने 12 वांछित अपराधियों के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया। भारत ने भी इस पर पूरी तरह सहयोग का भरोसा दिया है।
भारत ने ब्रिटेन में भारतीय छात्रों, पेशेवरों और राजनयिक के आश्रितों को वीजा मिलने में होने वाली कठिनाइयों का मुद्दा उठाया। विदेशी पेशेवरों को रोकने के लिए ब्रिटेन ने भी अमेरिका की तरह वीजा नियम कड़े कर दिए थे। ब्रिटेन की गृह सचिव पाट्सी विल्कीन्सन ने इस मुद्दे पर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया।


