Thursday, January 29, 2026
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इंदौर देश का सबसे साफ शहर, 3 साल में 149th पोजिशन से नंबर वन पर पहुंचा

शहर और रैंकिंग
2017
2016
2014
इंदौर (मध्यप्रदेश)
1
25
149
भोपाल (मध्यप्रदेश)
2
21
105
विशाखापत्तनम (आंध्र)
3
5
205
सूरत (गुजरात)
4
6
63
मैसूर (कर्नाटक)
5
1
1
तिरुचिरापल्ली (तमिलनाडु)
6
3
2
दिल्ली (NDMC)
7
4
15
नवी मुंबई (महाराष्ट्र)
8
12
3
तिरुपति (आंध्र)
9
137
वडोदरा (गुजरात)
10
13
214

केंद्रीय सरकार के शहरी विकास मंत्रालय द्वारा स्वच्छ भारत अभियान के सर्वे में मध्य प्रदेश का इंदौर सबसे स्वच्छ शहरों की रैंकिंग में सबसे ऊपर है। वहीं यूपी का गोंडा इस लिस्ट में सबसे नीचे है। शहरी विकास मंत्रालय ने यह सर्वे 434 शहरों में किया है।

इस सर्वे में मध्यप्रदेश के दो शहर इंदौर पहले नंबर पर है और दूसरे नंबर पर भोपाल है। मध्यप्रदेश ने कर्नाटक के शहर मैसूर को पिछाड़कर यह रैंक हासिल की है। मैसूर 2014 और 2016 में स्वच्छता के मामले में पहले स्थान पर था लेकिन इस साल के सर्वे में मैसूर पांचवें नंबर पर आ गया है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने बताया कि तीसरे स्थान पर आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम और चौथे नंबर पर गुजरात का सूरत है।

स्वच्छ भारत अभियान 2014 में शुरू किया गया था जिसके तहत देश को स्वच्छ बनाना और 2019 तक खुले में शौच मुक्त बनाना है। वहीं नई दिल्ली इस साल टॉप फाइव शहरों की सूची से गिरकर सातवें नंबर पर आ गया है। पिछले साल नई दिल्ली नगर परिषद स्वच्छ शहरों की सूची में टॉप पांच शहरों में शामिल था।

इस सर्वे में यूपी की शहर सबसे गंदे हैं। सर्वे में यूपी के 62 शहरों को शामिल किया गया था लेकिन कोई भी शहर पहले 30 स्थानों में शामिल नहीं हो सका है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्ष्‍ोत्र वाराणसी की रैंकिंग में काफी सुधार हुआ है। 2014 के सर्वे में 476 शहरों में से वाराणसी 418वें नंबर पर था लेकिन इस साल उसकी इस हालत में काफी सुधार हुआ है। इस साल के सर्वे में सबसे स्वच्छ शहरों में वाराणसी 32वें नंबर पर है।

यूपी का गोंडा सबसे गंदा शहर है। इस सर्वे में गोंडा 434वें नंबर पर रहा। जब महाराष्ट्र का भुसावल उससे ऊपर है। बिहार का बगहा 432, यूपी का हरदोई 431 और बिहार का कटिहार 430वें नंबर पर है।

नार्थ इंडिया के 10 सबसे गंदे शहरों की सूची में यूपी के 5 शहर शामिल हैं। इसमें से बिहार और पंजाब के दो-दो और महाराष्ट्र का एक शहर शामिल है।

सबसे साफ 50 शहरों में पीएम मोदी का गृह राज्य गुजरात के 12 शहर शामिल हैं।

तीन साल पहले साल 2014 में हुए सर्वे में एक लाख से ज्यादा जनसंख्या वाले 476 शहरों को शामिल किया गया था। वहीं, इस बार एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले 434 शहरों का सर्वे किया गया है।

शहरी विकास मंत्रालय ने सर्वे के दौरान सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, वेस्ट कलेक्शन, शौचालयों के हालात, सफाई को लेकर लोगों की क्या सुधार हुआ, सफाई पर लोग कितना शिक्षित हुए इसको आधार बनाया गया। मंत्रालय की काउंसिल ने देश के 38 शहरों को सम्मानित करने की सिफारिश की थी। काउंसिल ने इन शहरों में जाकर सड़क से लेकर सार्वजनिक स्थानों, मार्केट, रेलवे लाइन, बस स्टैंड और सेक्टर कॉलोनियों का सर्वे कर सफाई की रिपोर्ट तैयार की थी। ये सर्वे इस साल जनवरी से फरवरी के बीच में किया गया था।

शहरों को 2000 अंकों के लिए सर्वे हुआ। इसमें निगम के अपने लेवल पर किए गए काम के लिए 900 में से अंक दिए गए। केंद्र की टीम का मूल्यांकन ने 500 में से अंक दिए गए और साफ-सफाई पर लोगों के फीडबैक पर 600 में से अंक दिए गए।

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