वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बुधवार सुबह 8.50 बजे केदारनाथ मंदिर के कपाट छह महीने के लिए खोल दिए गए। हर-हर भोले, बम-बम भोले के जयकारों के बीच करीब चार हजार श्रद्धालु इसके साक्षी बने। सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान के ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए।
भगवान केदारनाथ के दर्शन के लिए सुबह छह बजे से ही देश-विदेश से आए श्रद्धालु मंदिर परिसर में लाइन में खड़े हो गए थे। रावल भीमाशंकर लिंग की अगुवाई में कपाट खोले गए। नियत समय पर ही मंदिर के कपाट खोल दिए गए। सुबह 9.10 बजे प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर केदारनाथ पहुंचा। प्रधानमंत्री एटीवी से अपने सुरक्षा कर्मियों के साथ मंदिर के लिए चले। मंदिर से करीब 30 मीटर पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एटीवी कार से उतर गए और पैदल मंदिर परिसर में पहुंचे। 9.31 बजे उन्होंने मंदिर में प्रवेश किया। उनके अंदर जाते ही पूजा शुरू हुई।
इस वर्ष केदारनाथ मंदिर में कपाट खुलने के बाद गर्भगृह में दर्शन करने वालों में पीएम मोदी सबसे पहले व्यक्ति हैं। ऐसा करने वाले वह देश के पहले प्रधानमंत्री हैं। प्रधानमंत्री ने करीब आधे घंटे तक भगवान की पूजा-अर्चना की। प्रधानमंत्री इस बार केदारनाथ के पहले दर्शनार्थी बने। उन्होंने एकांत में बैठक भगवान की पूजा की। 10.30 बजे मंदिर परिसर में बदरी केदार मंदिर समिति और रावल ने पीएम को केदारनाथ की लकड़ी की बनी प्रतिकृति भेंट की।
इसके साथ ही गोमुख की सत्तर साल पुरानी फोटो, शाल, रुद्राक्ष की माला भी प्रधानमंत्री को भेंट की गई। कंडी में रोट का प्रसाद भी प्रधानमंत्री को दिया गया। 10.40 बजे के बाद आम श्रद्धालुओं ने भगवान केदारनाथ के ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत भी प्रधानमंत्री के साथ कपाट खुलने के मौके पर मंदिर में मौजूद रहे।
केदारनाथ। 27 साल बाद कोई प्रधानमंत्री भगवान केदारनाथ के मंदिर में पहुंचा। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और विश्वनाथ प्रताप सिंह केदार बाबा के दरबार में पहुंचे थे। हालांकि नरेंद्र मोदी आम श्रद्धालु के तौर पर इससे पहले भी कई बार केदारनाथ मंदिर में पूजा अर्चना के लिए आ चुके हैं।
केदारनाथ। केदारनाथ मंदिर में रुद्रभिषेक करने के बाद प्रधानमंत्री मंदिर परिसर में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं से भी मिले। उन्होंने प्रोटोकॉल तोड़कर लोगों से हाथ मिलाया। इस दौरान कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी ली। श्रद्धालुओं ने मोबाइल से प्रधानमंत्री की तस्वीर लेने के साथ ही वीडियो भी बनाई। 10.07 बजे से नरेंद्र मोदी मंदिर परिसर से नीचे उतरकर श्रद्धालुओं के बीच चले गए और 10.23 बजे वापस मंदिर परिसर में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। वह करीब दो सौ मीटर तक मंदिर के रास्ते के दोनों तरफ खड़े लोगों मिले। उन्होंने सेना के जवान की गोद में बैठे एक बच्चे से हाथ मिलाया और उसे प्यार भी किया।
पीएम को जल्दी पहुंचना था लेकिन अंतिम समय में उनके कार्यक्रम में बदलाव हुआ। वह साढ़े आठ बजे देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। जहां से एमआई 17 से केदारनाथ के लिए रवाना हुए। पहले पीएम को साढे सात बजे पहुंचना था, लेकिन उनका विमान 8 बजकर 5 मिनट पर जौलीग्रांट में उतरा। यहां से पीएम एमआई 17 उड़ान से केदारनाथ के लिए रवाना हो गए। उनके साथ सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, राज्यपाल डॉ केके पॉल भी मौजूद हैं। प्रधानमंत्री के आगमन के तहत सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। केदारनाथ को छावनी में तब्दील कर दिया गया। यहां पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के साढ़े चार सौ जवान तैनात थे।



