Wednesday, January 28, 2026
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मन की बात: गाड़ी ही नहीं मन से भी निकले लालबत्ती, सभी लोग महत्वपूर्ण

मन की बात की खास बातें

1 मई को गुजरात और महाराष्ट्र के स्थापना दिवस के अवसर पर दोनों राज्यों के नागरिकों को शुभकामनाएं
समाज के लिए कुछ कर गुजरने वाले लोगों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं
मार्च-अप्रैल में मई-जून जैसी गर्मी हो रही है, ज्यादातर लोगों ने गर्मी से जुड़े हुए सुझाव दिए हैं
गौरेयों की कम होती आबादी चिंता का विषय है, गर्मियों में पक्षियों का विशेष ख्याल करने की जरूरत है
गर्मी छुट्टी के लिए युवाओं को तीन सुझाव- नई जगह जाएं, नए हुनर सीखें, शाम के समय गरीब बच्चों के साथ खेलने के लिए उनके मोहल्ले जाए
कई लोग आराम की जिंदगी जीने के आदि हो जाते हैं। कंफर्ट जोन में जीना ठीक है, लेकिन मेहनत जरूरी है। अब परीक्षाएं समाप्त हो चुकी है। पीएम ने कहा कि छुट्टियों में युवाओं को कुछ करना चाहिए।
लोगों ने लालबत्ती हटाने के निर्णय का स्वागत किया है। सरकारी फैसले से लाल बत्ती का जाना तो एक व्यवस्था का हिस्सा है, लेकिन मन से भी प्रयास कर हमें इसे निकालना है।
न्यू इंडिया का मतलब ईपीआई है। इसका अर्थ है एवरी पर्शन इज इम्पोर्टेंट, सभी देशवासी का महत्व है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लोगों के दिमाग में भीतर तक घुसी वीआईपी संस्कृति को जड़ से उखाड़ फेंकने और सभी भारतीयों को महत्व देने की जरूरत पर बल दिया। मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा कि समय आ गया है, जब वीआईपी (अति महत्वपूर्ण व्यक्ति) संस्कृति को बदलकर ईपीआई (हर व्यक्ति महत्वपूर्ण) कर दिया जाए।
मोदी ने कहा, “हमारे देश में वीआईपी संस्कृति के लिए एक प्रकार की नफरत है, लेकिन जब सरकार ने अधिकारियों की गाड़ियों से लाल बत्ती हटाने का फैसला किया तब मैंने महसूस किया कि यह नफरत कितनी भीतर तक घुसी है।” मोदी ने कहा, “यह लाल बत्ती वीआईपी संस्कृति की सूचक बन गई है, जो हमारे दिमाग में भीतर तक घुसी है। लाल बत्ती को हटाना केवल हमारी प्रणाली का एक हिस्सा भर है, लेकिन हमें इस संस्कृति को अपने दिमागों से हटाने का प्रयास करना होगा।”प्रधानमंत्री ने कहा, “’न्यू इंडिया’ के पीछे की अवधारणा यह है कि ईपीआई को वीआईपी से बदल दिया जाए। ईपीआई का अर्थ है कि हर व्यक्ति महत्वूपर्ण है। हमें 125 करोड़ भारतीयों के महत्व को स्वीकार करना होगा। इसके बाद हमारे पास अपने सपनों और आशाओं को पूरा करने की सामूहिक क्षमता होगी।”
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