नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव में इलेक्ट्रानिक्स वोटिंग मशीन (ईवीएम) के इस्तेमाल के दौरान मतदाता सत्यापनपत्र प्रक्रिया (वीवीपैट) के उपयोग संबंधी याचिका पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है।
यह याचिका बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की तरफ से दायर की गई है। इसमें कहा गया है कि शीर्ष अदालत द्वारा इस संबंध में वर्ष 2013 में दिए गए दिशा निर्देश का पालन किया जाना चाहिए। जस्टिस जे. चेलामेश्वर और जस्टिस एस. अब्दुल नजीर की खंडपीठ ने इस याचिका की सुनवाई करते हुए कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को भी ऐसी ही मांग से जुड़ी अर्जी दाखिल करने की अनुमति दे दी।
बीएसपी की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता पी. चिदंबरम ने कहा कि कई बार ध्यान दिलाए जाने के बाद भी सरकार ने ईवीएम के साथ वीवीपैट के इस्तेमाल के लिए रकम नहीं दी है। बताया कि आयोग के पैनल ने इसके लिए तीन हजार करोड़ रुपए की मांग की थी। साथ ही उसने (आयोग) ने इसके लिए सीधे प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा है।
हालांकि, पी. चिदंबरम ने वीवीपीएटी के बिना ईवीएमएस के साथ हुए चुनावों को रद्द करने के लिए की गई प्रार्थना याचिका से हटा दी। खंडपीठ का कहना था कि दक्षिणी अमेरिका के एक देश को छोड़कर किसी और देश में ईवीएम का इस्तेमाल नहीं किया जाता।