साइबर सैल ने मदद करने के बहाने एटीएम से कार्ड बदलकर नकदी निकालने व मनपसंद खरीददारी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दो दिन रिमांड के दौरान पूछताछ में पुलिस ने इनसे दिल्ली, एनसीआर के अलावा यूपी के हरिद्वार समेत कई इलाकों में15 से अधिक एटीएम पर वारदातों के खुलासा होने का दावा किया है। इनके कब्जे से पुलिस ने 73 हजार रुपये की नकदी, दो मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड व उनसे खरीदे गए मनपसंद कपडे़ बरामद किए हैं। पुलिस गिरफ्तार गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। साइबर सैल इंचार्ज सुरेश कुमार ने पत्रकार वार्ता में कहा कि दिल्ली की सुंदरा कला में मूल रूप से मुंगैर बिहार के किशनगज के रहने वाला सरदू तांती अपनी भतीजी से मिलने फरीदाबाद आया था। 7 अप्रैल को वह अपनी भतीजे के साथ पैसे गौच्छी स्थित ईंडसइंड बैंक के एटीएम से पैसे निकालने पहुंचे। इससे पहले वहां दो लड़के खडे़ हुए थे, जिन्होंने उनकी मदद करने का बहाना करते हुए उनके कार्ड का गुप्त पिन कोड जान लिया। जबकि इनका तीसरा साथी बाहर खड़ा हुआ था। इसके बाद उन्होंने शिकायकर्ता का स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का एटीएम कार्ड धोखे से बदल लिया। इसके बाद ये युवक वहां से रफूचक्कर हो गए। उन्होंने इस कार्ड का फरीदाबाद में ही इस्तेमाल कर नकदी के अलावा मनपसंद कपड़ों और मोबाइल की खरीददारी की। पुलिस ने इस संबंध में धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी।
ऐसे खुला राज
साइबर सैल प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार ने इस मामले की तह में जाने के लिए उपनिरीक्षक बिजेंद्र को जिम्मा सौंपा। उन्होंने ग्राहक के बैंक स्टेटमैंट निकलवाई, जहां से कपड़े व मोबाइल खरीददारी करने वाली दुकान का ब्यौरा मिला। पुलिस ने खरीदे गए मोबाइल के आधार पर तीनों बदमाशों तक पहुंच गई। जहां पुलिस ने तीनों को सेक्टर-7 इलाके से धर दबोचा। गिरफ्तार अभियुक्तों में पलवल के गांव सदरपुर का रहने वाला ज्ञान सिंह, मथुरा के गांव फारन निवासी मानू व इंदिरा कॉलोनी में रहने वाले मूल रूप से लक्ष्मी नारायण उर्फ लक्ष्मण शामिल हैं। जिन्हें शुक्रवार को अदालत में पेश कर न्यायायिक हिरासत भेज दिया गया है।
एनसीआर में दिल्ली, यूपी व फरीदाबाद में कबूली 15 से अधिक वारदातें
दो दिन पुलिस रिमांड के दौरान इन तीनों ने कबूल किया कि अभी तक वे दिल्ली, हरिद्वार, कोसी कलां व फरीदाबाद में 15 से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। इनमें अकेले फरीदाबाद में ऐसी 8 से 10 वारदातें शामिल हैं।